हरदोई: 5 हजार से शुरू हुई कंपनी कमा रही करोड़ों, कम्पनी से जुड़े हैं किसान

June 28, 2020 | samvaad365

हरदोई: देश में इस वक्त आत्मनिर्भर बनने की मुहिम चल रही है, आज हम आपको एक ऐसी कहानी बताएंगें तो कि बताती है कैसे अपनी मेहनत के बल पर आत्मनिर्भर बना जा सकता है। कुछ साल पहले अपनी उपज की वाजिब कीमत पाने के लिए भटकने वाले ये किसान आज हजारों काश्तकारों को फसल का उचित मूल्य दिला रहे हैं। यह सब हो रहा है उस किसान प्रोड्यूसर कंपनी के बैनर तले, जिसे तीन साल पहले 10 किसानों ने महज 5 हजार रुपये जुटाकर शुरू किया था। आज इस कंपनी का कारोबार 10 करोड़ के पार पहुंच चुका है। इसके जरिए इलाके के बेरोजगारों को काम भी मिल रहा है।

उत्तर प्रदेश के कछौना विकासखंड के 10 किसानों की यह कहानी किसानों को आत्मनिर्भर बनने की सीख देती है। इस तरह के प्रयास हालांकि पहले से ही अमल में आ चुके हैं, लेकिन इनकी सफलता वर्तमान परिदृश्य में प्रेरणा देने का काम कर रही है। सिर्फ तीन साल में फर्श से अर्श तक पहुंची इस कंपनी की खास बात यह है कि मालिक से लेकर कर्मचारी तक सब किसान ही हैं। तेरवा दहिगवां निवासी कंपनी के अध्यक्ष मनोज कुमार का कहना है कि शुरुआत में पांच लोगों का बोर्ड बना और पांच सदस्य बनाए गए थे। अक्टूबर, 2017 में कंपनी के बैनर तले खाद, बीज और कीटनाशक विक्रय केंद्र शुरू किया गया। उचित मूल्य पर गुणवत्तायुक्त कृषि सामग्री मिलने से केंद्र चल निकला।

वर्तमान में कंपनी की ओर से कछौना, गौसगंज, बेनीगंज और बेंहदर में विक्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। धीरे-धीरे कंपनी कृषि उत्पादों को बाजार दिलाने लगी। इसी कड़ी में कछौना की सब्जियां विभिन्न शहरों से लेकर नेपाल तक भेजी जाने लगीं। वहीं, पिछले वर्ष से कंपनी सरकार की ओर से गेहूं और मक्का के क्रय केंद्र का संचालन भी कर रही है। इन केंद्रों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल की खरीद की जाती है। कंपनी के विक्रय एवं क्रय केंद्रों पर योग्यतानुसार बहुत से बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिला है।

दरअसल किसान प्रोड्यूसर कंपनी क्षेत्र के किसानों को अंशधारक बनाती है। 10 रुपये के गुणांक में अधिकतम 500 रुपये का अंश एक काश्तकार खरीद सकता है। तीन वर्ष पर कंपनी ने अंशधारक को लाभांश को देने का नियम बनाया है। कंपनी के अंशधारक किसानों को विक्रय केंद्रों पर कृषि कार्य के लिए जरूरी सामग्री की खरीद पर छूट भी दी जाती है। इसके लिए कंपनी ने अंशधारकों का कार्ड बनाया है। कंपनी में महिलाएं भी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर हैं।

किसान प्रोड्यूसर कंपनी के सीईओ पंकज मौर्या ने बताया कि वर्तमान में 2350 किसान कंपनी के अंशधारक हैं। कभी उपज की वाजिब कीमत के लिए भटकने वाले हम किसान अब खुद के साथ अपने जैसे क्षेत्र के दूसरे किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिला रहे हैं।

यह खबर भी पढ़ें-देहरादून: सीएम रावत ने डिजिटल अभियान के तहत किए डिजिटल हस्ताक्षर… स्वदेशी वस्तुओं को मिलेगा बढ़ावा

संवाद365/लवी खान

512240cookie-checkहरदोई: 5 हजार से शुरू हुई कंपनी कमा रही करोड़ों, कम्पनी से जुड़े हैं किसान
51224

You may also like