Category: उत्तराखंड संस्कृति

प्रदेश में चार धाम यात्रा हुई स्थगित, केवल पुजारियों को धार्मिक अनुष्ठान करने की इजाजत

उत्तराखंड में  बढ़ते कोरोना के आंकड़ो को देखते हुए  इस साल होने वाली चार धाम यात्रा को स्थगित कर दिया गया है । हालांकि तय समय पर ही 14 मई को यमुनोत्री धाम को कपाट खोले जाएंगें और केवल पुजारियों को ही धार्मिक अनुष्ठान करने की इजाजत दी गई है । मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत … Continue reading "प्रदेश में चार धाम यात्रा हुई स्थगित, केवल पुजारियों को धार्मिक अनुष्ठान करने की इजाजत" READ MORE >

नवरात्र का दूसरा दिन : मां ब्रह्मचारिणी की करें पूजा

13 अप्रैल से नवरात्र शुरू हो गए हैं , ऐसे में आज नवरात्र का दूसरा दिन है । नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है । भक्तजन  इस दिन अपने मन को माँ के चरणों में लगाते हैं। में ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी यानी आचरण करने वाली। इस प्रकार … Continue reading "नवरात्र का दूसरा दिन : मां ब्रह्मचारिणी की करें पूजा" READ MORE >

काशीपुर में आज से उत्तराखंड का ऐतिहासिक चैती मेला शुरू

काशीपुर में आज से उत्तराखंड का ऐतिहासिक चैती मेला शुरू हो रहा है। और ये मेला 30 अप्रैल तक चलेगा। बता दे की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए बीते दिन सोमवार को मेला अधिकारी/एसडीएम गौरव कुमार ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। कोरोना के चलते कोविड नियमों का पूरी तरह से ध्यान रखा जाएगा … Continue reading "काशीपुर में आज से उत्तराखंड का ऐतिहासिक चैती मेला शुरू" READ MORE >

आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी की निकली भव्य शोभायात्रा

हरिद्वार महाकुंभ के दूसरे दिन शुक्रवार को निरंजनी पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, यात्रा कनखल काली मंदिर से दक्षिणेश्वर काली मंदिर तक गई, शोभायात्रा में सबसे आगे घोड़ों पर नागा साधु विराजमान दिखे, जिन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान लोग उनके साथ सेल्फी … Continue reading "आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी की निकली भव्य शोभायात्रा" READ MORE >

110 साल पहले उत्तराखंड का मालदार खण्डूड़ी परिवार टाटा बिड़ला की बराबरी कर रहा था

उत्तराखंड का दुनिया में ऐतिहासिक दृष्टि से महत्व भी है. यहाँ केरल से चलकर आदि शंकराचार्य ने केदारनाथ मंदिर आठवीं सदी से बनाया। उसी सदी में पंवार वंश की शुरुआत हुई. जिसका राजपाठ देश की आजादी तक चला। यहाँ गोविन्द बल्लभ पंत, भक्त दर्शन, एचएन बहुगुणा, मानवेंद्र शाह जैसे नेता पैदा हुए,जिन्होंने आज़ादी से पहले … Continue reading "110 साल पहले उत्तराखंड का मालदार खण्डूड़ी परिवार टाटा बिड़ला की बराबरी कर रहा था" READ MORE >

फूलदेई: उत्तराखंड का एक लोकपर्व, जो याद दिलाता है कि प्रकृति के बिना इंसान का अस्तित्व नहीं

देवभूमि उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल और गढ़वाल मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों में मनाया जाने वाला लोक पर्व फूलदेई आज कुमाऊँ में धूमधाम से मनाया जा रहा है।धीरे-धीरे समय के साथ साथ तौर तरीके बदल रहे हैं, लेकिन देवभूमि उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल व गढ़वाल मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों में आज भी परंपरा जीवित है। हालांकि … Continue reading "फूलदेई: उत्तराखंड का एक लोकपर्व, जो याद दिलाता है कि प्रकृति के बिना इंसान का अस्तित्व नहीं" READ MORE >

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भागीरथीपुरम स्थित अपने आवास पर बच्चों के साथ मनाया फूलदेई पर्व

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भागीरथीपुरम स्थित अपने आवास पर बच्चों के साथ प्रकृति का आभार प्रकट करने वाला पर्व फूलदेई मनाया. उन्होंने कहा कि यह पर्व प्रकृति के सरंक्षण एवं हमारी संस्कृति का द्योतक है। प्रकृति के इस लोकपर्व एवं प्राचीन संस्कृति को संजोऐ रखने के लिए सबको प्रयास करने होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा … Continue reading "मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भागीरथीपुरम स्थित अपने आवास पर बच्चों के साथ मनाया फूलदेई पर्व" READ MORE >

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने प्रदेशवासियों को फूलदेई पर्व पर दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने फूलदेई पर्व पर प्रदेशवासियों को शुभकामना दी है। अपने सन्देश में मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में मनाया जाने वाला लोकपर्व ‘फुलदेई’ हमारी संस्कृति को उजागर करता है साथ ही यह पर्व पहाड़ की परंपराओं को भी कायम रखे हुए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति से जुड़ा फुलदेई … Continue reading "मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने प्रदेशवासियों को फूलदेई पर्व पर दी शुभकामनाएं" READ MORE >

पहाड़ों में पुरानी परंपराओं को संजोते वहां के लोग, पिथौरागढ़ में पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा आज भी है जीवित

पिथौरागढ जिले से सटे सेल, सल्ला,चिगरी,हल्दु भौरा,तडेमिया सहित कई गांव में आज भी पीडि दर पीडि से चली आ रही पुरानी परम्परा को जीवित रखा है. परम्परा को संजोये रखने में,पहाड के लोग आज भी सबसे आगे हैं. पहाडों का शांत वातावरण शुद्ध हवा पानी का भरपूर लुप्त पहाडों के लोग कैसे उठाते हैं ये … Continue reading "पहाड़ों में पुरानी परंपराओं को संजोते वहां के लोग, पिथौरागढ़ में पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा आज भी है जीवित" READ MORE >

26 जनवरी को राजपथ पर दिखेगी उत्तराखंड की झांकी ‘केदारखंड’

रक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय रंगशाला शिविर, नई दिल्ली में आयोजित प्रेसवार्ता में विभिन्न प्रदेशों एवं मंत्रालयों की झांकी कलाकारों द्वारा प्रेस के सम्मुख अपने-अपने राज्यों की सांस्कृतिक झलक पेश की गयी। उत्तराखण्ड राज्य के कलाकारों द्वारा उत्तराखण्ड की पांरपरिक वेशभूषा में राष्ट्रीय रंगशाला में आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया जिसे उपस्थित लोगों द्वारा सराहा … Continue reading "26 जनवरी को राजपथ पर दिखेगी उत्तराखंड की झांकी ‘केदारखंड’" READ MORE >