शर्मनाक: कोरोना से हो रही मौतों के बीच चुनावी राज्यों में भीड़ जश्न मनाती दिखी

May 2, 2021 | samvaad365

भारत में लगातार बढ़ रहे कोरोना के ग्राफ को देखते हुए विशेषज्ञों द्वारा ये अनुमान लगाया जा रहा है की आने वाले हफ्ते में कोरोना के मामलों में देश में पीक आ सकता है. मतलब पीक के बाद मामलों में गिरावट देखने को मिल सकती है. भारत में अब एक दिन में 4 लाख से ज्यादा मामले देखने को मिल रहे हैं. और 4 हजार के करीब लोगों की मौत हो रही है.

लेकिन देश के हर जिले मे कोरोना कर्फ्यू के बीच जिस तरह रविवार को चुनावी राज्यों में राजनीतिक पार्टियों की भीड़ देखने को मिली वो इस राहत भरी खबर को ठेंगा दिखाने जैसा है. पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमुल कांग्रेस ने एक बड़ी जीत हासिल की है. जीत के बाद टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भीड़ जुटा के जश्न मनाया कोलकाता में बीजेपी कार्यालय के बाहर सैकड़ों कार्यकर्ता जुट गए. वहीं असनसोल में भारी संख्या में जुटे टीएमसी के कार्यकर्ताओं को पुलिस समझाती दिखी की भीड़ ना की जाए. ये हाल तब है जब पश्चिम बंगाल में पॉलिटिकल रैलियों के चलते कोरोना के मामले बेकाबू ढंग से बड़ने लगे हैं.

इसी तरह की तस्वीरें तमिल नाडू में भी देखने को मिली जहां जीत के बाद डीएमके सपोर्टर्स भी बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किए बिना जश्न मनाते दिखे.

वहीं कोरोना की भयंकर मार झेल रहे उत्तर प्रदेश में भी पंचायत चुनावों के नतीजे आए जहां भी लोग भीड़ जुटाते दिखे और कोरना गाइडलाइन्स का हव्वा बनाते दिखे. हाथरस में मतगणना के दौरान लोगों का हुजूम देखने को मिला. तो फिरोजाबाद में सुबह से ही पोलिंग सेंटर में सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटि रही. इसी तरह की तस्वीरें उत्तरप्रदेश के हर जिले से देखने को मिलीं.

अब ऐसे में देश में अगले हफ्ते पीक आने का जो अनुमान लगाया जा रहा है क्या उस पर हमें पूरी तरह भरोसा करना चाहिए क्या इस तरह के हालात देश के लिए चिंताजनक नहीं है. हमें आपको खुद समझने की जरूरत है. पल पल देश में लोग सांसों के लिए जूझते दिखाई दे रहे हैं. और दूसरी औऱ लापरवाह लोग और बेपरवाह सरकारें अभी भी संभलने को तैयार नहीं हैं. मतगणना को देखते चुनाव प्रचार के दौरान सोए हुए चुनाव आयोग ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से “जीत के जश्न को ना होने देने के लिए कहा था, चुनाव आयोग ने यह भी निर्देश दिए थे कि भीड़ जुटा कर अगर किसी जगह जश्न मनाया जाता है तो जिम्मेदार SHO और अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए.और उनपर आपराधिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए.

लेकिन कहीं भी कुछ होता नहीं दिखाई दिया. सैकड़ों की भीड़ के साथ देश के चुनावी राज्यों में लोग सड़कों पर दिखे और कोरोना गाइडलान्स का मजाक बनता दिखा. इस तरह देश कोरोना की इस जंग के भला कैसे जीत पाएगा. आप सभी से विनती है कृपया देश की इस लड़ाई में देश का साथ दें घर पर रहे कोरान नियमों का पालन करें मास्क पहने और अपना खयाल रखें. ये जश्न मनाने का वक्त बिलकुल नहीं है.

(संवाद365, विकेश शाह)

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