उत्तराखंड से बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत का था खास रिश्ता, सुशांत की मौत से गमगीन हुआ उत्तराखंड

June 15, 2020 | samvaad365

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने अपने अपार्टमेंट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. जिसके बाद वो पंचतत्व में विलीन हो गए हैं. विले पार्ले में उनका अंतिम संस्कार किया गया. सुशांत को अंतिम विदाई देने के लिए कई बॉलीवुड के सितारे शामिल हुए. उनकी मौत ने बॉलीवुड के साथ पूरे देश को हैरान कर दिया था. सुशांत डिप्रेशन के शिकार थे. सुशांत की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि उनकी मौत दम घुटने से हुई है. सुशांत सिंह राजपूत का उत्तराखंजड से खास रिश्ता था. फिल्म केदारनाथ की शूटिंग के दौरान सुशांत केदारघाटी आए थे. उनकी मौत की खबर ने पूरे उत्तराखंड को गमगीन कर दिया. केदारनाथ फिल्म की शूटिंग के दौरान सुशांत चार महीने तक केदारघाटी में रहे थे. फिल्म में उनका किरदार एक मुस्लिम युवक का था, जो अपने खच्चर पर यात्रियों को केदारनाथ दर्शनों के लिए ले जाता है. उनके साथ शूटिंग का हिस्सा रहे स्थानीय लोग उनके अचानक चले जाने से हैरान हैं. अगस्त 2017 से केदारघाटी में फिल्म ‘केदारनाथ’ की शूटिंग शुरू हुई थी, जो नवंबर तक चली थी. उत्तराखंड के कलाकारों ने कहा, सुशांत हंसमुख और खुशमिजाज इंसान थे. उनका सबके साथ एक जैसा व्यवहार था. फिल्म की कहानी केदारनाथ धाम में वर्ष 2013 में आई आपदा पर आधारित थी. जिसमें आपदा के दौरान एक तीर्थ पुरोहित की बेटी और खच्चर वाले युवक के बीच पनपे प्रेम के इर्द-गिर्द बुना गया था.

शूटिंग के लिए फिल्म के अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत, अभिनेत्री सारा अली खान और निर्देशक अभिषेक कपूर के साथ 200 लोगों की टीम ने केदारनाथ यात्रा के प्रमुख पड़ाव सोनप्रयाग में कैंप किया था. शूटिंग के लिए टीम यहीं से गौरीकुंड, केदारनाथ और चोपता समेत अन्य स्थानों पर जाती थी. इस बीच कई बार तो पूरी रात शूटिंग चलती थी. केदारनाथ पैदल मार्ग पर आपदा की भेंट चढ़ चुके रामबाड़ा कस्बे की तबाही के फिल्मांकन को त्रियुगीनारायण में ही सेट बनाया गया था. शूटिंग में सहुलियत के लिए मुबंई में भी केदारनाथ मंदिर का सेट बनाया गया था. फिल्म की शूटिंग में सुशांत के साथ काम करने वाले त्रियुगीनारायण के राजेश भट्ट कहते हैं कि सुशांत का व्यवहार सबके साथ एक समान रहता था। वह हमेशा हंसते हुए बात करते थे। मानों हमारे ही बीच के हों। कहते हैं सुशांत की मौत से वह स्तब्ध हैं. त्रियुगीनारायण की ही मीनाक्षी गैरोला बताते हैं कि इतनी कम उम्र में अपनी मेहनत के बूते वह इस मुकाम तक पहुंचे थे। ऐसे में उनका मौत को गले लगाना समझ से परे है। वह यादों में हमेशा जिंदा रहेंगे. हालिका केदारनाथ फिल्म को लेकर उत्तराखंड में काफी विवाद भी हुआ था. विवाद ऐसा पनपा कि उत्तराखंड में रातों रात इस फिल्म को बैन कर दिया गया। देहरादून में पहले ही दिन इस फिल्म के 62 शो कैंसिंल करने पड़े. सुशांत सिंह राजपूत समेत फिल्म के निर्देशक अभिषेक कपूर उत्तराखंड सरकार के इस निर्णय से विचलित हो गए थे. उन्होने अपने ट्वीट में इस पर प्रतिक्रिया भी दी थी. सुशांत सिंह राजपूत के जाने के बाद उत्तराखंड के लोग काफी गमगीन है. केदारघाटी के लोगों सुशांत के साथ बिताये दिनों को याद कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि वो भले इस दुनिया से चले गए हो पर उनके दिलों में वो हमेशा याद रखे जायेंगे.

अमित गुसांई/संवाद 365

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