विश्व एड्स दिवस पर जाने एड्स से जुड़ी सभी अहम बातें, इन मिथकों से रहें सावधान

December 1, 2018 | samvaad365

एक दिसंबर के दिन दुनिया भर में ‘वर्ल्ड एड्स डे’ मनाया जाता है। ‘एक्वायर्ड इम्यूनो डिफिशिएंसी सिंड्रोम’ (एड्स) एक ऐसी बीमारी है जिसका इलाज कर पाना नामुमकिन है। इसे लाइलाज बीमारी की श्रेणी में रखा गया है। इस बीमारी से यदि आप बचाव करना चाहते हैं तो जरूरी है कि आपको इस बीमारी के लक्षण और संक्रमण से बचाने वाली बातों की पूरी जानकारी होनी चाहिए।

भारत में साल 2017 में करीब 1 लाख 20 हज़ार बच्चे और किशोर HIV संक्रमण से पीड़ित पाए गए थे। दुनियाभर में हर साल एड्स से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह बीमारी जितनी गंभीर है इसके मिथक भी उतने ही ज्यादा हैं। इसीलिए जरूरी है कि एड्स जैसी बीमारी से खुद को बचाए रखने के लिए आपको न सिर्फ एड्स की जानकारी होनी चाहिए बल्कि इस बीमारी के मिथकों से भी खुद को जागरूक करने की जरूरत है।

कई लोग एड्स की बीमारी की आशंका होने पर डॉक्टर के पास जाने से शर्माते हैं और अपने करीबियों से इस बारे में जानकारी लेते हैं जो कि गलत है। यदि कभी भी एड्स के लक्षण आपको महसूस होते हैं तो आपको बिना किसी देरी के डॉक्टर के पास जाना चाहिए।  इस लेख में हम आपको एड्स से जुड़े लक्षणों, बचाव, उपचार और मिथकों के बारे में बता रहें हैं।

एड्स के लक्षण

1. बढ़े हुए ग्रंथियां

2. रात में पसीना आना

3. गले में खरास

4. मांसपेशियों में दर्द

5. जोड़ों का दर्

6. ठंड लगना

7. बुखार

8. दस्त

9. दुर्बलता

10. वजन घटना

11. लाल चकत्ते

ऐसे होता है एड्स

1. अगर पिता/माता के एच.आई.वी. संक्रमित है और अपने संतान को जन्म देते हैं तो उस संतान में भी एड्स होने का चांस बहुत ज्यादा रहता है

2. बिना जांच किया हुआ या ब्लड बैंक द्वारा अनसर्टिफाइड रक्‍त ग्रहण करने से एड्स हो सकता है

3. एच.आई.वी. संक्रमित व्यक्तियों से अंग दान लेने से

4. एच.आई.वी. संक्रमित व्‍यक्ति व्यक्तियों का इस्तेमाल किया गया बसेड व सिरिंज आदि से भी एड्स हो सकता है

5. एक से अधिक महिलाओं से यौन संबंध रखने से

6. नशीली दवाईयां एवं पदार्थ इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन से

ये है एड्स से जुड़े मिथक

1. मिथक – मच्छर के काटने से HIV फैलता है.
सच – HIV/AIDS पीड़ित को काटा हुआ मच्छर अगर आपको काटे तो इससे भी यह वायरस नहीं फैलता. हां, मच्छरों से कई और बीमारियां होने का खतरा ज़रूर बना रहता है लेकिन HIV नहीं.

2. मिथक – आपको किसी से भी HIV हो सकता है.
सच – ऐसा माना जाता है कि HIV/AIDS किसी से भी फैल सकता है. लेकिन सच यह है कि ये वायरस सिर्फ HIV पॉज़िटिव व्यक्ति से ही दूसरों में फैल सकता है. अनसेफ सेक्स, इस्तेमाल की हुई सीरिंज, HIV संक्रमित खून चढ़ाने या ऑर्गन ट्रांसप्लांट से HIV फैलता है. इतना ही नहीं अगर प्रेग्‍नेंसी के समय मां इस वायरस से पीड़ि‍त है तो बच्‍चा भी HIV पॉजिटिव हो सकता है.

3. मिथक – टैटूज़ या पियर्सिंग से HIV/AIDS हो सकता है.
सच – इस केस में सिर्फ तभी पॉसिबल है जब टैटू या पियर्सिंग आर्टिस्ट HIV पॉज़िटिव व्यक्ति पर इस्तेमाल की गई सुई को बिना साफ किए आप पर इस्तेमाल करे. हांलाकि इससे बचने के लिए सभी आर्टिस्‍ट हर नए क्‍लाइंट के लिए नई सुई का इस्‍तेमाल करते हैं.

4. मिथक – किस करने से फैलता है
सच –HIV पॉज़िटिव पीड़ितों के सलाइवा में बहुत ही कम मात्रा में यह वायरस होता है, जो किस करने से सामने वाले व्यक्ति में नहीं फैलता.

5. मिथक – पानी से HIV/AIDS फैलता है.
सच – HIV पानी के द्वारा किसी और को नहीं होता. HIV पीड़ित के स्विमिंग पूल में नहाने, उसके कपड़े धोने और उसका जूठा पानी पीने से किसी दूसरे को यह वायरस नहीं फैलता. इतना ही नहीं HIV पॉज़िटिव के इस्तेमाल किए हुए शावर या बाथरूम का इस्‍तेमाल करने से भी यह वायरस नहीं फैलता.

6. मिथक – HIV पीड़ित के पास रहने से हो सकता है AIDS
सच – यह वायरस हवा से भी नहीं फैलता है. तो अगर HIV पीड़ित आपके आस-पास खांसे, छींके या थूके तो आप इस वायरस की चपेट में नहीं आएंगे. इतना ही नहीं HIV पीड़ित को छूने, उन्हें गले लगाने और हाथ मिलाने से भी यह वायरस नहीं फैलता.

ऐसे रोक सकते हैं एड्स के संक्रमण को (एड्स से बचाव)

1. कम लोगों के साथ यौन सम्बन्ध बनाना,

2. सुइयों को कभी भी साझा नहीं करना और हर बार जब आप यौन संबंध बनाते हैं, तो कंडोम का सही तरीके से उपयोग करते हुए, आप नई दवाओं जैसे पूर्व-एक्सपोज़र प्रॉफीलैक्सिस (पीआरईपी) pre-exposure prophylaxis (PrEP) और पोस्ट- एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस (पीईपी) post-exposure prophylaxis (PEP) का फायदा ले सकते हैं,

3. सुरक्षित यौन समबंन्ध ही सबसे कारगर HIV AIDS से बचने का तरीका है।

अगर आप हैं एड्स के मरीज तो ये बातें रखें याद

अगर आप को एचआईवी एड्स है, तो कई बातें हैं जो आप एचआईवी एड्स को दूसरों में फैलाने से रोक सकते हैं। एचआईवी एड्स से बचने के तरीके में सबसे महत्वपूर्ण एचआईवी (एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी या एआरटी) का इलाज करने के लिए रोज सही तरीके से दवा लेनी होती है। ये एचआईवी एड्स की दवाएं और एड्स से बचाने का तरीका आपको कई सालों तक स्वस्थ रख सकती हैं और आपके साथी को एचआईवी प्रसारित करने की संभावना को बहुत कम कर सकते हैं।

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सेहत/काजल

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