इस गांव में पहली बार बस पहुंचने पर ढोल-दमाऊ की थाप पर मनाया गया जश्न

December 4, 2018 | samvaad365

जहां एक ओर हम डिजिटल इंडिया की बात कर रहें हैं वहीं आज भी ऐसे गांव हैं जहां मूलभूत समस्याओं के लिए भी लोग तरस रहे हैं जी हां हम बात कर रहे हैं अस्थायी राजधानी देहरादून से महज 200 किमी की दूरी पर स्थित चकराता ब्लॉक की सबसे दूरस्थ डांगूठा और पटियूड़ पंचायत की जहां बस पहुंचने में 71 साल लग गए। जी हां रविवार को जब 42 सीटर यात्री बस इन दोनों गांवों में पहुंची तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा ऐसा लग रहा था मानों कोई त्यौहार हो। उत्साहित लोगों ने पहली बार बस के गांव पहुंचने की खुशी में ढोल-दमाऊ की थाप पर जोरदार जश्न मनाया। साथ ही सड़क बनाने वाले ठेकेदार और पीएमजीएसवाई (प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना) अधिकारियों का परपंरागत तरीके से स्वागत किया।

देहरादून जिले की सुदूरवर्ती शिलगांव खत के डांगूठा व पटियूड़ पंचायत में एक हजार की आबादी निवास करती है। जिसे सड़क सुविधा के अभाव में रोड हेड तक पहुंचने के लिए आठ किमी की दूरी पैदल नापनी पड़ती है। दो साल पहले सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत क्षेत्र के लिए दारागाड़-कथियान मोटर मार्ग से साढ़े सात किमी लंबे डांगूठा-पटियूड़ लिंक मार्ग के निर्माण को मंजूरी दी।

इसके लिए साढ़े चार करोड़ का बजट स्वीकृत कर कार्यदायी संस्था पीएमजीएसवाई निर्माण खंड कालसी को निर्माण की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई।  रविवार को पीएमजीएसवाई के अधिकारी, ठेकेदार व ग्रामीण पहली बार इस सड़क से 42 सीटर बस में सवार हो पटियूड़ व डांगूठा गांव पहुंचे।

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देहरादून/संध्या सेमवाल

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