रुद्रप्रयाग में जल संस्थान खुल्लम खुला कर रहा है ग्रामीणों का शोषण

December 7, 2018 | samvaad365

प्रदेश के सूदूरवर्ती सीमान्त गांवों तक भले ही विकास की किरण पहुंचे या न पहुंचे लेकिन भ्रष्टाचार का दीमक जरूर सीमान्त गांवों तक पहुंच रहा है, जी हां हम बात कर रहे है रूद्रप्रयाग के अति दूरस्त सीमान्त गांव की जहां जल संस्थान के अधिकारी खुलमखुल्ला गरीब ग्रामीणों का शोषण कर रहे हैं,

जिला मुख्यालय रूद्रप्रयाग से 70 किमी0 दूर तीन सीमान्त ग्राम पंचायतों के आधा दर्जन से ज्यादा गांवों में जल संस्थान के भ्रष्टाचार का नया मामला प्रकाश में आ रहा है अभी तक योजनाओं में भ्रष्टाचार करने वाले जल संस्थान अब सीधे साधे गरीब ग्रामीणों की जेब में डाका डाल भ्रष्टाचार कर रहे हैं, रूद्रप्रयाग के सीमान्त गांव कोठमा के खोनू, मजेरा, सोलनू गांव में स्वजल द्वारा बनाई गयी परियोजनाओं को बिना ग्रामीणों की सहमति के जल संस्थान ने हैंडओवर कर लिया, और फिर 100 से ज्यादा ग्रामीणों को प्राईवेट कनेक्शन के नाम पर 2500 रूपये प्रति कनेक्शन वसूल लिए जबकि जल संस्थान में ग्रामीण क्षेत्र में कनेक्शन का चार्ज मात्र 1785 रूपये है, यही नहीं कोठमा के अगल-बगल की ग्रामसभा कविसा, जालमल्ला ग्राम सभा, जालसल्ला ग्रामसभा, चोमासी ग्रामसभा में भी जल संस्थान ने सैंकड़ों ग्रामीणों ने कनेक्शन के नाम पर अवैध वसूली की, मामले के उजागर होने पर जल संस्थान ने आनन फानन में 1785 रूपये के कनेक्शन चार्ज की रसीद ग्रामीणों को दे दी, वहीं कई लोगों को आज तक रसीद तक नहीं दी गयी, और बाकी पैसे गमन कर दिए, और उसे एडवांस बिल का नाम देने की तैयारी जल संस्थान में चल रही है।

पूरे मामले का एक पक्ष ओर भी है ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण आज भी अपने पानी के प्राकृतिक स्रोत का पानी उपयोग कर रहे हैं, ऐसे में ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होने जल संस्थान को कई बार बताया है कि वह अपने प्राकृतिक स्रोत का पानी ही पीने के लिए उपयोग करते हैं ग्रामीणों को घर में पानी उपलब्ध करवाने के नाम पर पेयजल योजना से उनके प्राकृतिक पानी के स्रोत बन्द कर दिए गये और अब जल संस्थान ने स्वजल योजना को हैंडओवर कर उनसे बिल के नाम पर बेवजह की उगाही कर रहा है।

वहीं अब पूरा मामला डीएम मंगेश घिल्डियाल तक पहुंच चुका है, ग्रामीणों ने सीमान्त गांवों में जल संस्थान के कालगुजारी की शिकायत डीएम रूद्रप्रयाग से की है, जिसके बाद डीएम रूद्रप्रयाग ने जल संस्थान के अधिकारी से जवाब मांग पूरे मामले में जांच बैठा दी है, डीएम का कहना है कि जल संस्थान के अधिकारियों का कार्य अगर नियमविरूद्ध पाया गया तो अधिकारियों पर कार्यवाही होगी।

प्रदेश के सीमान्त गांवों में आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण जी रहे हैं, सरकार भी सीमान्त गांव में विकास को लेकर गम्भीर दिखती है, लेकिन अधिकारियों द्वारा विकास के नाम पर ग्रामीणों की जेब से सीधे की जा रही इस तरह की लूट से कहीं न कहीं सरकार की विकासवादी मंशा पर भी पलीता लग रहा है।

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रुद्रप्रयाग/कुलदीप राणा

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