तो क्या यह हैं वो बड़े नाम जो हैं उत्तराखंड कैबिनेट में मंत्री से लेकर दायित्वों की रेस में सबसे आगे

December 3, 2018 | samvaad365

उत्तराखंड में इन दिनों सत्ता के गलियारों में मंत्रिमंडल विस्तार और दायित्वों के बंटवारे की चर्चा जोर पकड़ने लगी है। चर्चायें गर्म हैं कि नये साल से पहले मुख्यमंत्री अपनी टीम में दो नए सदस्य शामिल कर सकते हैं। इसके साथ ही दो दर्जन के करीब भाजपा नेताओं को दायित्व सौंपे जाने की भी चर्चायें गर्म हैं। उत्तराखंड में भाजपा सरकार बनी, तब मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केवल नौ ही विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया। इनमें मुख्यमंत्री के अलावा सात कैबिनेट मंत्री व दो राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाए गए। तब से लेकर अब तक, बीस महीने से ज्यादा वक्त गुजर चुका है लेकिन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपनी टीम का विस्तार नहीं किया। हालांकि इस बार चर्चायें गर्म हैं कि जल्द मंत्रिमंडल विस्तार किया जा सकता है।

सियासी गलियारों के इन कयासों के बीच कैबिनेट विस्तार दुधारी तलवार जैसा है क्योंकि मंत्रीमंडल में दो नए चेहरे लाने के फेर में पार्टी का बड़ा वर्ग नाराज भी हो सकता है। त्रिवेन्द्र रावत कैबिनेट में अभी 9 मंत्रियों में से 5 मंत्री यशपाल आर्य, सुबोध उनियाल, हरक रावत, सतपाल महाराज और रेखा आर्य कांग्रेसी पृष्ठभूमि से हैं। त्रिवेन्द्र मंत्रिमंडल में अभी सीएम समेत गढ़वाल से 6 मंत्री है, इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष भी गढ़वाल से ही हैं और वही कुमाउ मंडल से सिर्फ चार मंत्री हैं।

सूत्रों की बातों पर यकीन करे तो गढ़वाल और कुमांउ मंडल में बैलेंस करने के लिए मंत्रिमंडल विस्तार में इस बार कुमाऊं के विधायकों को मौका मिल सकता है। कुमांउ से जिन विधायकों का दावा मजबूत है उनमें विशन सिंह चुफाल, कालाढूंगी से विधायक बंशीधर भगत, कपकोट से विधायक बलवन्त सिंह भौर्याल, और 3 बार के विधायक लोहाघाट से विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, सल्ट से विधायक सुरेन्द्र सिंह जीना, बागेश्वर के विधायक चन्दन राम दास का नाम प्रमुख है।

वहीं बात करे गढ़वाल क्षेत्र की तो विकास नगर के विधायक मुन्ना सिंह चौहान दौड़ में सबसे आगे हैं। इसके बाद गणेश जोशी, हरबंश कपूर, सरीखे दिग्गज भी हैं। बद्रीनाथ से विधायक महेन्द्र भट्ट, उत्तरकाशी से गोपाल रावत की स्थित मजबूत है। इसलिए कैबिनेट का विस्तार करना जितना लग रहा है उतना आसान नहीं है।

इसके साथ ही दायित्वों की दौड़ में संगठन से कई दिग्गज सबसे आगे हैं। चर्चायें हैं कि पहले चरण में महज दो दर्जन के लगभग ही दायित्व दिये जायेंगे। दायित्वों की दौड़ में जिन लोगों के नाम सुर्खियों में बने हुए हैं उनमें नरेश बसंल, ज्योति प्रसाद गैरोला, अनिल गोयल, बलराज पासी, केदार दत्त जोशी, पुनीत मित्तल, अजेन्द्र अजय, विनोद उनियाल, मधु भट्ट, .अब देखना होगा पिछले 20 महीनों से मंत्री बनने से लेकर दायित्व की चाहत पाले नेताओं की मुराद आखिर कब जाकर पूरी होती है। क्योंकि इस तरह की चर्चायें पिछले 20 महीनों में कई बार हुई पर यह सब चर्चायें ही साबित हुई है।

देहरादून/ अमित रतूड़ी

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