निलंबित कुलसचिव डा. मृत्युंजय मिश्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जेल

December 4, 2018 | samvaad365

भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार आयुर्वेद विवि के निलंबित कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा को मंगलवार को विशेष सतर्कता न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में पेश किया गया। अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस को सुनने के बाद अदालत ने मिश्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए। इस दौरान मिश्रा की ओर से जमानत प्रार्थनापत्र दाखिल नहीं किया गया और न ही विजिलेंस ने कस्टडी रिमांड की मांग की। शाम करीब 5.45 बजे मिश्रा को जिला कारागार सुद्धोवाला में दाखिल करा दिया गया। मंगलवार दोपहर बाद करीब 2.20 बजे विजिलेंस टीम मृत्युंजय मिश्रा को लेकर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर पहुंची। यहां से उन्हें पहले अभियोजन कार्यालय ले जाया गया, जहां जरूरी कागजी कार्रवाई करने के बाद अदालत में पेशी के लिए जे जाया गया।

करीब 2.40 बजे मृत्युंजय मिश्रा को अपर जिला जज प्रथम (विशेष सतर्कता जज) राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में पेश किया गया। अभियोजन ने जब मिश्रा को न्यायिक हिरासत में भेजने संबंधी प्रार्थनापत्र अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया तो बचाव पक्ष ने इस पर बहस से इंकार कर दिया।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता एमएस पंत ने कहा कि विजिलेंस ने उन्हें एफआईआर की प्रति उपलब्ध नहीं कराई है। ऐसे में अदालत ने विजिलेंस को इस संबंध में आदेशित किया, जिसके करीब 25 मिनट बाद बचाव पक्ष को एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराई गई। इसके बाद हुई बहस में बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि विजिलेंस ने इस मामले में खुली जांच करने का दावा किया है, जबकि इस जांच का एक भी पहलू गिरफ्तारी से पहले सार्वजनिक नहीं हुआ है। एकाएक सोमवार को मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया।

इसके बाद बचाव पक्ष ने फर्जी बताए जा रहे खातों पर भी मिश्रा के हस्ताक्षर होने की बात से इंकार किया। अभियोजन ने भी अपने तर्क प्रस्तुत किए, जिसके बाद अदालत ने विजिलेंस के प्रार्थनापत्र को स्वीकार करते हुए मिश्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दे दिए। इस मामले में अब अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होनी है।

 

देहरादून /ब्यूरो रिपोर्ट
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