सावधान:अब गंगा को गन्दा किया तो लगेगा जुर्माना,राज्य सरकार ने जारी किये आदेश

December 7, 2018 | samvaad365

गंगा को प्रदूषणमुक्त करने की दिशा में  उत्तराखंड में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आपको बता दें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों के क्रम में होटल, आश्रम व धर्मशालाओं पर शिकंजा कसा गया है। इनसे निकलने वाले सीवरेज अथवा गंदे पानी को गंगा और उसकी सहायक नदियों में बहाने पर संबंधित होटल, आश्रम व धर्मशाला पर पांच हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा। इस संबंध में शासन ने आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं, उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने इसकी निगरानी को रणनीति तैयार कर ली है।

गंगा की स्वच्छता और निर्मलता को लेकर केंद्र सरकार के साथ ही एनजीटी का भी खास फोकस है। राज्य सरकार भी इसमें जुटी हुई है। आंकड़े देखें तो अपने उद्गम स्थल गोमुख से लेकर ऋषिकेश तक गंगा का पानी पीने योग्य है। अलबत्ता, हरिद्वार में स्थिति कुछ खराब है। गंगा और उसकी सहायक नदियों में किसी भी दशा में गंदगी न जाने पाए, इसके लिए नमामि गंगे परियोजना के तहत उत्तरकाशी से हरिद्वार तक नालों को टैप करने के साथ ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) भी बनाए जा रहे हैं।

इस बीच एनजीटी ने हाल में ही राज्य में होटल, आश्रम व धर्मशालाओं से निकलने वाले सीवरेज एवं गंदे पानी के निस्तारण के उपायों के बारे में जानकारी मांगी थी। यह रिपोर्ट एनजीटी को भेज दी गई है। इसमें प्रदेशभर में 20 या इससे अधिक कमरों वाले होटल, आश्रम व धर्मशालाओं की संख्या 1573 बताई गई है।

यह ख़बर भी पढ़े- मसूरी वासियों को मिलेगी बड़ी सौगात, नगर पालिका अध्यक्ष ने की ये बड़ी घोषणा

यह ख़बर भी पढ़े- दून अस्पताल से गायब हुए संत गोपालदास, गंगा रक्षा को लेकर कर रहे थे अनशन

देहरादून/संध्या सेमवाल

26828

You may also like