आखिर कब पूरा होगा पहाड़वासियों का सपना, कब गैरसैंण को मिलेगा राजधानी का दर्जा

December 1, 2018 | samvaad365

राज्य आंदोलनकारियों के सपने का गैरसैंण क्यों गैर हो रहा है यह पहाड़वासियों की समझ से परे है आज भी यह सवाल खड़ा है कि क्या गैरसैण सत्ता और विपक्ष के लिए राजनीतिक मंच बन गया है?

लेकिन उन पहाड़ वासियों का क्या जिसने गैरसैंण को ही उत्तराखंड राजधानी बनाने का सपना देखा था। पहाड़ वासियों की माने तो गैरसैंण में सत्र करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है इसलिए हमने उसे पूर्ण बहुमत देकर सत्ता पर काबिज किया है न की राजनीति करने के लिए। पहाड़ वासियों का कहना है कि अगर सरकार इसे राजधानी बनाना चाहती है तो यहां पर विधानसभा का सत्र अवश्य होना चाहिए

लोगों की माने तो गैरसैण कुमाऊं और गढवाल का हृदय है इसलिए गैरसैंण का विकास होना अनिवार्य है  गैरसैंण पर हो रही राजनीति पहाड़ और प्रदेश के लिए शुभ संकेत नहीं है। वहीं आंदोलनकारी हो या स्थानीय लोग, सभी ने भाजपा की  सरकार को गैर जिम्मेदार ठहराया है। लोगों ने बताया कि भाजपा की सरकार सिर्फ गैरसैंण पर राजनीति करती है वह गैरसेंण को कभी भी राजधानी बनाने की इछुक नहीं है।

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चमोली/पुष्कर नेगी

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