विश्व चैंपियनशिप में एक और स्वर्ण पदक मैरीकॉम ने किया अपने नाम

November 25, 2018 | samvaad365

हिंदुस्तान की महिलाएं चाहे तो क्या कुछ नहीं कर सकतीं अपने कामों से वो साबित कर देतीं हैं कि महिलाऐं अगर घर से बाहर निकल गई तो आसमान छूने की भी हिम्मत रखती हैं जी हां हम बात कर रहे है मैरीकॉम की. 35 वर्षीय 3 बच्चों की मां मैरीकॉम ने विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर बता दिया कि हिंदुस्तान की महिलाएं किसी से कम नहीं।

एक मार्च 1983 को उत्तर पूर्वी राज्य मणिपुर के चुराचांदपुर जिले के काडथेइ गांव के बेहद गरीब परिवार में जन्मीं मैरी बॉक्सिंग रिंग में ही नहीं बल्कि उसके बाहर भी निडरता की असली परिचायक हैं। मैंगते चंग्नेइजैंग जैसी एक आम लड़की जब संघर्ष की भट्ठी में तपती है तब मैरीकॉम बनती है। एक किसान की बेटी के लिए बॉक्सिंग रिंग में अपना करियर बनाना आसान काम नहीं था। 2000 में डिंको सिंह ने उन्हें मुक्केबाज बनने के लिए प्रेरित किया लेकिन घर वाले मुक्केबाजी के खिलाफ थे। उनकी कड़ी मेहनत और लगन ने सबको झुकने के लिए मजबूर कर दिया। गांव में बना अभ्यास करने की जगह थी और ना ही सुविधाएं मौजूद थीं। मुक्केबाजों को जो डाइट चाहिए होती है वह भी उन्हें मुश्किल से ही मिल पाती थी लेकिन उन्होंने सब बाधाओं को पार किया।

सुपर मॉम के नाम से पहचान बनाने वाली 35 वर्षीय मैरी ने 2005 में ओनलर कॉम से शादी की। 2007 में जुड़वा बच्चों को जन्म देने के बावजूद उनका इस खेल के प्रति प्रेम कम नहीं हुआ। मां बनने के बाद उन्होंने विश्व खिताब हासिल किया और 2008 में उन्हें मैग्नीफिशेंट मैरीकॉम की उपाधि से नवाजा गया।

छह बार की विश्व चैंपियन, लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता मैरी का मंत्र है कि अगर मैं फिट रहूंगी तो स्वर्ण पदक मेरे कब्जे में रहेगा। जब उन्हें राज्य सभा के लिए मनोनीत किया गया तो वह उनके लिए भी चौंकाने वाली ही खबर थी। जहां एक ओर सचिन तेंदुलकर से लेकर रेखा जैसी हस्तियों पर राज्यसभा में अनुपस्थित रहने पर सवाल उठते हैं तो वहीं मैरी भारत में रहने पर सुबह सात बजे इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में अभ्यास करती हैं और घर आकर कपड़े बदलकर संसद सत्र में शामिल होने के लिए निकल पड़ती हैं। वह नहीं चाहती कि उनकी अनुपस्थिति पर सवाल उठें। मैरी अपनी तुलना फिलीपींस के प्रोफेशनल मुक्केबाज मैनी पैक्युआओ से करती हैं जो वहां के सीनेट मेंबर भी हैं। मैरी का मानना है कि उनका दायरा मैनी से भी बड़ा है क्योंकि वह एक मां भी हैं।

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खेल जगत / संध्या सेमवाल

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