Wednesday, 04 August

केदारनाथ आपदा : उत्तराखण्ड़ के इतिहास में वो काला दिन ,जहां आंखे न होकर भी एक शक्स ने किया आपदा का सामना

June 16, 2021 | samvaad365

 वर्ष 2013 की 16-17 जून की काली रात ने उत्तराखण्ड़ के इतिहास में वो काला दिन दिखाया जो कि भूले नही भुलाया जा सकता, देवभूमि में हजारों लोग काल की भेंट चढ़ गये, तो कई लोग जिन्दगी और मौत के बीच हुए इस युद्ध में जीत कर आज भी अपनी जिन्दगी जी रहे रहे हैं, और उस भयानक मंजर की आखों देखी ब्यां करते रहते हैं, लेकिन केदारनाथ आपदा के दौरान केदारनाथ धाम में एक शख्स ऐसा भी था जो जन्मजात दिव्यांग (अन्धा) था,और अस दिन केदारनाथ में ही मौजूद था, आखों से भले ही इस शख्स ने कभी जिन्दगी में कुछ न देखा हो, लेकिन इन्द्रीयों से जो महसूस किया वो भी आज भी उसे डरा देने के लिए काफी है।केदारनाथ आपदा के दौरान केदारनाथ में मौजूद इस सख्स का नाम है धर्मा राणा, गजब की बात ये भी है कि धर्मा ने आपदा के दौरान केवल खुद ही बच के नही निकले बल्कि अपने साथ एक और व्यक्ति को भी जीवनदान दिलवाया, आप खुद अहसास कर करते हैं कि बिना आखों के इन्सान ने कैसे उस घडी में उस महाआपदा में खुद व अपने साथी को जीवित बाहर निकाला, धर्मा आज भी उस मंजर को याद करते हुए कहते हैें कि जिसको ईश्वर का साथ मिल जाए उसे कोई भी नही मार सकता। केदारनाथ आपदा के बाद धर्मा की बाबा के प्रति आस्था और बढ़ गयी, और आज कोरोना महामारी के दौर में भह धर्मा की आस्था बाबा केदार पर बनी हुई है, धर्मा आज भी कोरेाना महामारी से निजात पाने के लिए बाबा के भजन गाते हैं, और बाबा से कोरोना को खत्म करने की मन्नत मांगते हैं।

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