देवभूमि में फिर उजड़ी मां की कोख, महिला ने सड़क पर दिया नवजात को जन्म, मौत

December 6, 2018 | samvaad365

चमोली के  पहाड़ी जिलों में लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं ने न जाने कितने ही लोगों को असमय मौत के घाट उतार दिया, लेकिन सरकारें और उनका तंत्र सबक लेने को तैयार नहीं है अलबत्ता राज्य गठन के 18 वर्ष बाद भी पहाड़ में गर्भवती महिलाओं को सडकों पर नवजातों को जन्म देने और फिर त्वरित उपचार के अभाव में जान गवाने जैसी यातनाओं से जूझना पड़ रहा है। ये देवभूमि की कितनी लज्जाजनक और शर्मनाक स्थिति को बयां कर रहा है।   रूद्रप्रयाग-बदरीनाथ हाइवे पर रूद्रप्रयाग से दो किमी आगे तिलणी के पास एम्बुलेंस न मिलने के कारण चमोली के घाट विकासखणड की धुनी गाँव की नंदी देवी ने सड़क पर नवजात को जन्म दिया लेकिन त्वरित उपचार न मिलने के कारण नवजात ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

दरअसल चमोली जनपद के घाट विकासखण्ड के धुनी गाँव निवासी मोहन सिंह अपनी आठ महीने से गर्भवती पत्नी नंदी देवी (32) को प्रसव के लिए 4 दिसम्बर को गोपेश्वर जिला अस्पताल में ले गए तो यहाँ डाक्टरों द्वारा जांच की गई लेकिन देर शाम चार बजे  डॉक्टरों द्वारा मोहन सिंह को बताया गया कि महिला के गर्भ में नवजात की हृदय गति बहुत कम है इसलिए उसे दूसरे अस्पताल में रैफर करना पड़ेगा। जिसके बाद महिला क़ो श्रीनगर अस्पताल ले जाते समय  नगरासू से महिला को तेज प्रसव पीडा होने लगी महिला दर्द से कराहने लगी लेकिन बस में बैठे किसी भी व्यक्ति द्वारा मानवता नहीं दिखाई गई और बस चालक द्वारा भी महिला को अस्पताल छोड़ने की बजाय करीब नौ बजे तिलणी के पास उतार दिया। सड़क किनारे जैसे ही महिला बैठने लगी तो नवजात का आधा सिर बाहर आ गया और तेज रक्तस्राव होने लगा, अकेले बेबस पति मोहन सिंह ने 108 सेवा को फोन किया लेकिन जब तक एम्बुलेंस पहुँचती तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

सड़क किनारे प्रसव वेदना से कराहती महिला ने नवजात शिशु को जन्म दिया लेकिन ठंड और त्वरित इलाज न मिलने के कारण बच्चे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। स्वास्थ्य महकमें के नाकारेपन ने इस दम्पति को सड़क पर इस हाल में लाकर जरूर छोड़ दिया था लेकिन हमारे समाज और मानवता भी यहां इस कदर संवेदनहीन दिखी कि सड़क पर गुजरते वाहनों और पैदल चल रहे लोगों ने इनकी मदद तक नहीं की।  अपने बच्चे को खो चुके मोहन को पत्नी की चिंता के कारण उसने आनन फानन में बच्चे को दफना दिया।  करीब 11 बजे पहुँची 108  द्वारा महिला को रूद्रप्रयाग जिला अस्पताल ले जाया गया जहाँ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ दिग्विजय सिंह रावत ने महिला का इलाज शुरू किया। अब महिला की स्थिति सामान्य है। आज जिला मुख्यालय अस्पताल में व्यापार संचालक व  काग्रेंस के  कार्यकर्ता ने हंगामा किया। अस्पताल प्रशासन पर लगाये  लापरवाही के आरोप।

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चमोली/पुष्कर नेगी

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