बीएचईएल फैक्ट्री के कर्मचारी की मौत पर ग्रामीणों का हंगामा, जाने पूरा मामला

December 8, 2018 | samvaad365

हरिद्वार स्थित बीएचईएल फैक्ट्री में कार्यरत कर्मचारी की मौत के बाद हंगामा हो गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने इलाज में लापवाही बरतने व मृतक की पत्नी को नौकरी और मुआवजा देने की मांग को लेकर बीएचईएल के मुख्य अस्पताल के बाहर जमकर नारेबाजी कर अस्पताल में धरना दिया। 32 वर्षीय मृतक का नाम राजकुमार उर्फ़ राजू है जो बीएचईएल की कैंटीन में संविदा पर कार्यरत था।

शुक्रवार शाम को बीएचईएल कैंटीन में ड्यूटी पर तैनात राजकुमार की अचानक तबियत खराब हो गयी। सहयोगी कर्मचारी उसे इलाज के लिए बीएचईएल के मुख्य अस्पताल ले आये और परिजनों को सूचित कर दिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी और उसके शव को मर्चरी में रखकर अस्पताल प्रबंधन ने सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव ले जाने को कहा। शव न दिए जाने से ग्रामीण आक्रोशित हो गए देखते ही देखते सैंकड़ों की  संख्या में ग्रामीण अस्पताल में इकट्ठा हो गए और बीएचईएल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाने लगे। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने मृतक की पत्नी को बीएचईएल में नौकरी और मुआवजा देने की मांग पर भी की है।

वहीं मृतक के भाई का कहना है की राजू का परिवार अभी गरीबी की हालात से गुजर रहा है उसके दो छोटे छोटे बच्चे है, ऐसे में परिवार अभी बड़ी परेशानी से गुजर रहा है। हंगामे की सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती भी की गयी। मौके पर मौजूद पुलिस को परिजनों ने मृतक के शव को बिना बताये जिला अस्पताल पहुँचाने और उसकी मौत की जाँच की मांग को लेकर तहरीर दी। बहरहाल, आज भी देश में गरीबों की सुनने वाला कोई नहीं है जहां एक तरफ राजकुमार उर्फ़ राजू की मौत का रहस्य छुपाने के लिए रातोंरात शव गायब किया गया अगर हंगामा न होता तो उसकी मौत के रहस्य के पन्नों में दबा दिया जाता।

यह खबर भी पढ़ें-बागेश्वर में सुधर रहे हैं फूड पॉइजनिंग पीड़ितों के हालात

यह खबर भी पढ़ें-मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के अधिग्रहण को लेकर सेना ने आगे बढ़ाया एक कदम

नरेश तोमर/हरिद्वार

26975

You may also like