Category: उत्तराखंड इतिहास

जैकलीन वापस लौटी… तो अब बिग बी पहुंचेंगे देवभूमि

इस सीजन में शहर की भीड़भाड़ भरी जिंदगी और भीषण गर्मी से दूर कई लोग उत्तराखंड आते हैं. उत्तराखंड कई लोगों की पसंदीदा जगह भी है. चाहे आम आदमी हो या फिर कोई फिल्मी सितारा हर कोई उत्तराखंड की वादियों में घूमना चाहता है. इस पर्यटन सीजन में महानायक अमिताभ बच्चन भी उत्तराखंड आ रहे … Continue reading "जैकलीन वापस लौटी… तो अब बिग बी पहुंचेंगे देवभूमि" READ MORE >

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बड़ा सवाल … क्या आज भी उपेक्षित है तिलाड़ी शहीद स्थल ..?

30 मई का दिन उत्तराखंड के इतिहास में एक रक्तरंजित तारीख है. और इस दिन को जाना जाता है तिलाड़ी गोली कांड के नाम से. 30 मई 1930 को सैकड़ों लोग तिलाड़ी के मैदान में अपने हक हकूकों के लिए शहीद हो गए थे. और तब से ही हर साल 30 मई को यमुना नदी … Continue reading "बड़ा सवाल … क्या आज भी उपेक्षित है तिलाड़ी शहीद स्थल ..?" READ MORE >

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इस कुंड में स्नान करने से ही सार्थक होती है केदार की यात्रा

रूद्रप्रयाग: 11वें ज्योर्तिलिंग बाबा केदार के कपाट आज श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गये हैं. बाबा केदार के दर्शनों के लिए आने वाले भक्तों को गौरीकुण्ड से केदारनाथ तक की 16 किमी पैदल दूरी तय करनी पडती है. लेकिन बाबा केदार के दर्शन से पहले श्रद्धालु मॉ गौरी के गौरीकुण्ड स्थित पौराणिक मंदिर के दर्शन … Continue reading "इस कुंड में स्नान करने से ही सार्थक होती है केदार की यात्रा" READ MORE >

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नहीं रहे राजा मानवेंद्र शाह को मात देने वाले परिपूर्णानंद पैन्यूली, शनिवार को देहरादून में ली अंतिम सांस

टिहरी रियासत और अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले परिपूर्णानंद पैन्यूली का आज देहरादून में निधन हो गया। परिपूर्णानंद लम्बे समय से बीमार चल रहे थे। शुक्रवार रात अचानक तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर आज उन्हें ओएनजीसी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों ने जानकारी दी कि रविवार को उनका अंतिम … Continue reading "नहीं रहे राजा मानवेंद्र शाह को मात देने वाले परिपूर्णानंद पैन्यूली, शनिवार को देहरादून में ली अंतिम सांस" READ MORE >

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‘चिपको आंदोलन’ का साक्षी रैणी गांव, आंदोलन की 46वीं वर्षगांठ पर विशेष

‘चिपको आंदोलन’ की जननी गौरा देवी गोपेश्वर जिले के रैणी गांव के लोग जंगल बचाओ अभियान में आज भी जुटे हुए हैं। गांव की महिलाओं और पुरुषों में आज भी जंगल बचाने को लेकर वही जुनून साफ देखा जा सकता है। दरअसल रैणी गांव वही गांव है जहां से चिपको आंदोलन की जननी गौरा देवी … Continue reading "‘चिपको आंदोलन’ का साक्षी रैणी गांव, आंदोलन की 46वीं वर्षगांठ पर विशेष" READ MORE >

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12 साल में एक बार होता है मालगांव में नगेला देवता का होम यज्ञ

उत्तराखण्ड में कई देवी देवताओं का अपना विषेश महत्व है। ये महत्व इसलिये भी है क्योंकि देवभूमि की कई जगहों से इन देवी देवताओं की कहानियॉं जुड़ी हुई है। नागेन्द्र देवता की भी उत्तराखण्ड में मान्यता काफी ज्यादा है। नागेन्द्र देवता जिन्हें आम बोलचाल में नगेला देवता कहा जाता है जिनकी उत्पति  के बारे में … Continue reading "12 साल में एक बार होता है मालगांव में नगेला देवता का होम यज्ञ" READ MORE >

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